एक बस्ता, हज़ारों यादें...90's के बच्चों के वो खास पल

90's Kids Nostalgia: एक समय था जब स्कूल बैग किताबें-कॉपी रखने की सिर्फ एक जगह नहीं थी बल्कि बचपन की वो खूबसूरत यादों को अपने साथ रखता था। उस बस्ते में रखी हर चीज़ की अपनी कहानी होती थी। स्टील का टिफ़िन बॉक्स, रंग-बिरंगे पेंसिल बॉक्स, थरमस जिसमें लंबी सी नेक बेल्ट होती थी और वो कॉमिक्स बुक, नई किताबों की वो खुशबू और जेब में कुछ रुपये का सिक्के। ये छोटी चीज़ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान के लिए काफी होता था।
स्टील का टिफिन: मां के प्यार की खुशबू
90 के दशक में स्टील का टिफिन हर बच्चे की पहचान हुआ करती थी। सुबह मां प्यार से उसमें पराठे, सब्जी, पूड़ी, अचार रहती थे। जैसे ही लंच की घंटी बजती, पूरा क्लासरूम घर के बने खाने की खुशबू से भर जाता था दोस्तों के साथ टिफिन बदलकर खाना उस दौर की सबसे प्यारी पलों में से एक था। उस समय खाने का स्वाद और दोस्तों के साथ बांटने में जो मज़ा आता था। उसकी बात ही अलग थी।
चंपक, नंदन और कॉमिक्स की जादुई दुनिया
स्कूल बैग में अक्सर चंपक, नंदन, लोटपोट या चाचा चौधरी की कॉमिक्स बहुत सारे बच्चों के बैग में मिलती थी। कई बच्चे किताबों के बीच इन्हें छिपाकर पढ़ते थे और टीचर के आते ही तुरंत बैग में रख देते थे। ये कॉमिक्स सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं थीं, बल्कि बच्चों को नई बातें सिखाने, कल्पनाशक्ति बढ़ता है और पढ़ने की आदत विकसित करती थी।
2 रुपये का सिक्का: छोटी रकम में बहुत बड़ी खुशियां हुआ करती थीं
आज भले ही 2 रुपये में कुछ ख़ास नहीं मिलता लेकिन 90 के दशक में यही सिक्का बच्चों के लिए किसी खजाने से कम नहीं था। स्कूल की छुट्टी के बाद इसी पैसे से समोसा, ऑरेंज कैंडी, इमली, चूरन, बर्फ का गोला या आइसक्रीम खरीदने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। उस समय खुशियां महंगी नहीं थीं, अभी खुश होने के लिए भी सोचते है।
बस्ते में छिपे थे बचपन के अनगिनत राज
स्कूल बैग में सिर्फ किताबें ही नहीं होती थीं। ज्योमेट्री बॉक्स, रंग-बिरंगी रबर, सुगंध वाली पेंसिल, दोस्तों की लिखी चिट्ठियां, क्रिकेटरों के स्टिकर और कभी-कभी अधूरी होमवर्क कॉपी भी उसी बस्ते का हिस्सा होती थी। यही छोटी-छोटी चीजें आज याद बनकर लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले कर आती है।
आज क्यों फिर ट्रेंड कर रही हैं 90s की यादें?
सोशल मीडिया पर इन दिनों #90sKids और #Nostalgia जैसे ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लोग अपने पुराने स्कूल बैग, स्टील के टिफिन, कॉमिक्स और पुराने सिक्कों की तस्वीरें साझा कर बचपन को फिर से अपने बचपन जी रहे है। तेज़ रफ्तार जिंदगी के बीच ये यादें लोगों को सादगी, दोस्ती और बेफिक्र दिनों की यादों को याद कर रहे हैं। अब के समय में लोग अपने दोस्तों से मिलने के लिए भी समय निकलना पड़ता है।
कंटेंट- नेहा कुमारी
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